द्वारिका में घुमने के अच्छे स्थल और जानकारी - Best Tourist place in dwarka - Tourist and travel place

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Saturday, January 04, 2020

द्वारिका में घुमने के अच्छे स्थल और जानकारी - Best Tourist place in dwarka


द्वारिका में घुमने के अच्छे स्थल और जानकारी - Best Tourist place in dwarka

द्वारिका में घुमने के अच्छे स्थल और जानकारी, Best Tourist place in dwarka

 द्वारिका गूजरात के दरिया कीनारे स्थित हैं. द्वारिका भगवान श्रीकृष्ण की नगरी है. गौतमी नदि के पास बसा हुआ है. द्वारिका मन्दिर 2000 से 2200 साल पुराना है. द्वारिका हिन्दू धर्म के लिए आस्था का केंद्र है. 4 तिर्थ धामों में से एक है. यहां पर जन्माष्टमी के दिन देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं. ओर धाम धूम से श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाता है. द्वारिका के आस पास बहुत सारे देखने के लिए आकर्षक मन्दिर ओर तीर्थ स्थल है. बेयट द्वारिका,बीच, रूक्मिणी देवी मंदिर,गोमती घाट, के अलावा ऐक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर हैं. यह 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग मंदिर हैं. 

   अगर आपका द्वारिका में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो द्वाराकादिश मन्दिर जाये. द्वारिका में आप दो, तीन दिन बिता सकते हैं. द्वारिका बीच के किनारे सूर्य अस्त का आनंद ले सकते हैं. यहां पर बहुत सारे मन्दिर भी आप फ़ोटोग्राफ़ी(photography) भी कर सकते हैं. तो फिर चलिए आज हम आपको बताते है द्वारिका में घुमाने के लिए आकर्षक स्थल.


  1:- द्वारिका मंदिर (Lord kirshna Temple)


Dwarka Temple, द्वारका मन्दिर

      द्वारिका मंदिर गैमती नदी और अरब सागर के किनारे स्थित है. द्वारिका मन्दिर को जगत मन्दिर भी कहा जाता हैं.
जो श्रीकृष्ण को समर्पित है. द्वारिका मन्दिर 2000 से 2200 साल पुराना है. 15वी ओर 16वी शताब्दी में निर्माण हुआ था. यह मन्दिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है. द्वारका मन्दिर का निर्माण वज्रनाभ ने किया था. 

   द्वारका मन्दिर में पांच मंजिला है और दो मुख्य द्वार है.मुख्य प्रवेश द्वार (उत्तर प्रवेश द्वार) को "मोक्ष द्वार" कहा जाता है। यह प्रवेश द्वार एक को मुख्य बाजार में ले जाता है। दक्षिण प्रवेश द्वार को "स्वर्ग द्वार" कहा जाता है। यह द्वार गोमती नदी की ओर जाता है. 
   
   मंदिर सुबह 6 बजे से 1 बजे तक ओर शाम 5 बजे से 9:30 बजे तक खुला रहता है. द्वारका मन्दिर हिन्दू धर्म के लिए आस्था का केंद्र है. हर साल यहां पर देश-विदेश से लाखों पर्यटक और यात्रियों भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने आते हैं.


2:-  नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर



Nageshvar joytiling Temple, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर


    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर गुजरात में अरब सागर से थोड़ी दूरी पर स्थित है. नागेश्वर मंदिर द्वारका से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह मन्दिर 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है. जो भगवान शिव को समर्पित है. हिन्दू धर्म में यह आस्था का केंद्र है. रुद्र संहिता में इन भगवान को दारुकावने नागेशं कहा गया है.

   मंदिर के बाहर भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति है जो 82 फुट ऊंची और 25 फुट चौड़ी है. यह मूर्ति बहुत सुंदर और आकर्षक है. हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आते हैं.


3:-  बेट द्वारका (bet Dwarka Island)



 बेट द्वारका, bet Dwarka Island


     बेट द्वारका कच्छ की खाड़ी में स्थित एक द्वीप है. बेट द्वीप  ओखा से ३ किमी की दूरी पर है. ओर द्वारका से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बेट द्वारका में नाव से जाया जाता है. बेट द्वारका में श्रीकृष्ण की सोने नगरी थी. अभी जो श्रीकृष्ण मंदिर हैं वह 500 साल पुराना है. मन्दिर में कृष्ण भगवान की मुख्य मूर्ति को रूक्मिणी देवी ने बनाया था. 

   बेट द्वारका लगभग 13 किलोमीटर में है और चौड़ाई 4 किलोमीटर है. बेट द्वारका में देखने के लिए बहुत सारी मूर्ति, बेट सरोवर,डांडी हनुमानजी मंदिर,मीरा बाई मन्दिर बहुत सारे देखने के स्थल है. यहां पर देश-विदेश से लाखों पर्यटक और यात्रालू आते हैं.


4:- द्वारका बीच (dwarka beach)

          
 द्वारका बीच, dwarka beach


    द्वारका मन्दिर के पास ही द्वारका बीच है. अरब सागर के किनारे आप बीच पर सुन्हेरी शाम बिता सकते है. ओर द्वारका से 30 किलोमीटर की दूरी पर बेट द्वारका में भी आप बीच का आनंद ले सकते है. यहा पर आप पिकनिक,टेरेकिग, फ़ोटोग्राफ़ी कर सकते हैं. 

    द्वारका बीच स्थानय लोगों ओर पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है. द्वारका बीच की मुलाकात हर साल देश-विदेश से लाखों लोग करते हैं. आप भी द्वारका आए तो द्वारका बीच की मुलाकात करें.

इन्हें भी पढ़ें -  कच्छ ओफ रन के  दर्शनीय स्थल की जानकारी


5:- रूक्मिणी देवी मंदिर


              
रूक्मिणी देवी मंदिर, rukmani Devi Temple



     रूक्मिणी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय ओर पहली पटरानी को समर्पित है. यह मन्दिर द्वारका मन्दिर से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह मन्दिर की संरचना 12 वीं शताब्दी में हुआ था. यह मन्दिर वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है. मन्दिर की दीवारों पर हाथी, घोड़े ओर मानव आकृतियां बनाई गई है. 



6:- गोमती घाट

       
गोमती घाट, gomti ghat



     गोमती घाट द्वारकाधीश मंदिर के पास ही स्थित है. गोमती घाट वहां से सीधा अरब सागर में मिल जाता है. गंगा नदी के बाद यही है जो सीधे स्वर्ग से उतरती है. हिन्दू धर्म में यह जगह आस्था का केंद्र है. यहां पर स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं. द्वारका मन्दिर में जाने से पहले यहां स्नान करके दर्शन के लिए जाते हैं. 


     घाट के किनारे भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम, ओर शिवजी का मन्दिर हैं. गंगा नदी के बाद यही नदी का इतना महत्त्व है. घाट अरब सागर के किनारे है इस लिए घाट का पानी खारा है. हर साल यहां पर लाखों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं.


7:- भडकेश्र्वर महादेव मंदिर

             
भडकेश्र्वर महादेव मंदिर, bhadkeshvar mahadev temple



     भडकेश्र्वर महादेव का मंदिर समुद्र में स्थित है. 5000 साल पहले स्वयं समुद्र में से शिवलिंग पग्रट हुआ था बाद में यहां मंदिर का निर्माण किया गया. जुन-जुलाई के महिने में समुद्र शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. इस दौरान मन्दिर समुद्र में जल मग्न हो जाता है. यहां पर शिवरात्रि के दिन भव्य मेला लगता है. 

    सुबह 8 बजे से 12 बजे तक भक्तों द्वारा शिवलिंग का जलाभिषेक ओर पूजा की जाती है. यहां से  सूर्यउस्त का सोनेरी नजारा बेहद सुन्दर और मनमोहक होता है. लाखों पर्यटक यहां पर देश-विदेश सूर्यउस्त का नजारा देखने आते हैं. आप भी द्वारका आए तो एक बार मुलाकात करें.



8:- सुदामा सेतु

             
सुदामा सेतु, sudama setu
Pankajrsorathia



     सुदामा सेतु भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा के नाम पर बनाया गया है. यह पुल गोमती घाट ऊपर बनाया गया है. यह पुल का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को गोमती घाट के दूसरे छोर तीर्थ पचनद तक पहुंचने के लिए बनाया गया है. पंचनद गोमती घाट के दूसरे छोर पर स्थित है जो पांडवों से जुड़ा हुआ है.

     पुल की कुल लंबाई 166 मीटर है. इसकी चौड़ाई 2.4 मीटर की है. एक समय में यह 30,000 व्यक्तियों का भार सहन कर सकेगा. यह पुल यात्रियों ओर पर्यटकों के लिए आकर्षण बना हुआ है. यहां से धाट का ओर समुद्र में सूर्य अस्त सुन्दर नजारा दिखाई देता है.



9:- द्वारिका डनी पॉइंट

            
द्वारिका डनी पॉइंट, dwarka dani point



     डनी पोइंट बेट द्वारका में स्थित है जो आखरी छोर पर है  दांडी हनुमानजी मंदिर से 1,2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. वहां पर आपको पेदल ही जाना पड़ता है. डनी पोइंट का वातावरण शुद्ध ओर शान्त है. डनी पोइंट का नजारा सूर्य अस्त के समय बहुत सुंदर लिखता है. यह बिंदु एक ईको-टूरिज्म साइट है यह गुजरात का पहला इको-टूरिज्म साइट है. यहां डोलफीन,कछुए, मछलियां ओर बहुत सारे समुद्र जीव दिखाई देते हैं. 

    यहां पर आप फोटोग्राफी,तेराकी,धूप सेंकना, पतंगबाजी कर सकते हैं. यहां पर देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं. आप भी द्वारका आए तो एक बार मुलाकात जरूर करें.



10:- स्वामी नारायण मंदिर

                 
स्वामी नारायण मंदिर, swami Narayan mandir


      स्वामी नारायण मंदिर समुद्र किनारे द्वारकाधीश मंदिर के पास ही स्थित है. यह मन्दिर नया है. ओर मन्दिर की वास्तुकला भी नए ओर सुंदर है. यह मन्दिर भगवान विष्णु के अवतार स्वामी नारायण संप्रदाय को समर्पित है. स्वामी नारायण मंदिर का वातावरण शान्त होता है. यहां पर बहुत सारे तीर्थ यात्रि भगवान स्वामी नारायण के दर्शन करने आते हैं.




•  द्वारका कैसे पहुंचें - How to reach Dwarka

      :हवाई मार्ग से द्वारका केसे पहुंचे – How To Reach Dwarka By Flight

          
हवाई मार्ग, flight


        हवाई मार्ग से द्वारका जाने के लिए सबसे नजदीक हवाई अड्डा जामनगर में है जो 145 किलोमीटर दूर है. यह हवाई अड्डा मुंबई से जुड़ा हुआ है. जामनगर से आप बस या टैक्सी ले सकते हैं. द्वारका का सड़क परिवहन के लिए बहुत अच्छी है इस लिए आप का सफर आरामदायक रहेगा.



       : ट्रेन से द्वारका केसे पहुंचे - how to reach dwarka by train


India train


        द्वारका ट्रेन जामनगर से जुड़ा हुआ है जो 132 किलोमीटर दूर है. आप जामनगर से द्वारका ट्रेन कर सकते हो जो आपको द्वारका पहुंचा देगा. और आप राजकोट से भी ट्रेन के द्वारा द्वारका जा सकते हैं. राजकोट से लगभग 207 किलोमीटर होता है. जो आपको वीरमगाम से ओखा पहुंचा देगा.


     : सड़क मार्ग से द्वारका केसे पहुंचे- how to reach dwarka by road


Roads, सड़क मार्ग


          गुजरात राज्य परिवहन निगम द्वारा विभिन्न शहरों से द्वारका के लिए बसें चलती हैं. जामनगर, राजकोट, अहमदाबाद, पोरबंदर से बसों से द्वारका पहुंच सकते हो. खानगी बसे भी द्वारका के लिए बहुत सारी हैं जेसे स्लिपर बस या टैक्सी ले सकते हैं.

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