जूनागढ़ में घूमने के अच्छे स्थल की जानकारी - Best Tourist place in junaghad - Tourist and travel place

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Tuesday, January 07, 2020

जूनागढ़ में घूमने के अच्छे स्थल की जानकारी - Best Tourist place in junaghad

हेलो दोस्तो आज मैं आपको जुनागढ़ मैं सबसे अच्छे घुमने के स्थल के बारे में बताऊंगा.              

Junaghad

      जुनागढ़ गिरनार की पहाड़ियों के नीचे बसा हुआ है. जुनागढ़ का गुजराती में प्राचीन किला अर्थ होता है. ईस पर कई राजाओं ने राज किया है. यहां पर हिन्दू,बोद्व,जैन ओर मुस्लिम इन 4 धामों का शासन रहा है. जुनागढ़ ऐक बहु मूल्य संस्कृति का गढ़ है. इसका उदाहरण है जुनागढ़ की पुरानी स्थापत्य कला जो आज भी जुनागढ़ में दिखाई देती है. जूनागढ़ दो भागों में विभक्‍त है। एक मुख्‍य शहर है. दूसरा पश्‍िचम में है जिसे अपरकोट कहा जाता है.

      जुनागढ़ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. यहां पर आप फ़ोटोग्राफ़ी, पिकनिक, ओर गिरनार पर्वत पर टेकिंग भी कर सकते हैं. यहां पर वन्यजीव प्रेमि गिर के जंगलों में सफारी के लिए भी जा सकते हैं. ओर यहां पर बच्चों के लिए चक्कर बाघ झु हैं. ओर आप पुरानी चीजें देखना चाहते हो तो यहां जुनागढ़ मीयुज्यम है.यहा पर  देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं तो फिर चलिए आज जानते हैं जुनागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में.


1:- गिरनार पर्वत

गिरनार पर्वत, girnar mountain

     जुनागढ़ का मुख्य आकर्षण केंद्र में से एक है. गिरनार पर्वत का इतिहास बहुत पुराना है. गिरनार पर्वत पर विविध धामों के मन्दिर स्थित है.  इनमें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ, अंबामाता, गोरखनाथ, औघड़ सीखर, गुरू दत्तात्रेय और कालका प्रमुख हैं. गिरनार का प्राचीन नाम 'गीरीनगर' था. इन पहाड़ियों की औसत ऊँचाई 3,500 फुट है. सबसे ऊंची चोटी 3,666 फुट है. गिरनार पर्वत पर सम्राट अशोक का स्तभ भी है.

    यहां से जुनागढ़ ओर गिरनार पर्वत का नज़ारा बहुत सुंदर दिखता है.  यहां पर आप फ़ोटोग्राफ़ी, टेकिंग भी कर सकते हैं. गिरनार पर्वत में 9999 सीढ़ियां हैं. यहां पर सभी धर्म के यात्रि आते हैं. गिरनार पर्वत में हर साल लीली परीक्रमा एकादशी से पूनम तक होती है. आप भी परिवार के साथ ऐक बार मुलाकात जरूर करें.


2:- ऊपर कोट किल्ला


 ऊपर कोट किल्ला, uparkot Palace


    ऊपर कोट किल्ला जुनागढ़ का मुख्य आकर्षण केंद्र है. ऊपर कोट किल्ले की स्थापना मौर्य साम्राज्य द्वारा की गई थी. ऊपर कोट किल्ला बहुत बड़े विस्तार में है. ऊपर कोट किल्ले में आज भी पुरानी चीजे ओर नक्काशी देखने को मिलती हैं. ऊपर कोट कल्ले दो तोप है नीलम ओर न माणेक यह तोप बहोत साल पुरानी है. इन तोपों के पास से पुरा जुनागढ़ दिखाई देता है.

     ओर उपर कोट किल्ले में राणकदेवी मन्दिर ओर जामा मस्जिद है. राणकदेवी मन्दिर से पुरा गिरनार पर्वत दिखाई देता है. ऊपर कोट किल्ले में ऐक अड़ी कड़ी वाव ओर दुसरा नवघण कूवो भी है. अड़ी कड़ी वाव पत्थर काट के बनाय गई है. ईस किल्ले में बोद्व मन्दिर भी है. ऊपर कोट किल्ले को देखने यहां हर साल देश-विदेश से लाखों लोग मूलाकाल करते हैं.


3:-  दामोदर कुंड  

दामोदर कुंड, damodar kund

     दामोदर कुंड ऐ गिरनार पर्वत के नीचे स्थित है. यह कुड हिन्दू धर्म के लिए आस्था का केंद्र है. कुंड के चारों ओर नहाने के लिए घाट का निर्माण किया गया है. यह कुंड का बड़ा महत्व है. यहां पर नहाने से मना जाता है कि सारे पाप धुल जाते हैं. शिवरात्रि के दिन भव्य मेला लगता है. बहुत सारे लोग एस मेले में आते हैं. जो नाग साधु कुंड में स्नान करते हैं और अपने गुफा में सले जातें हैं. बहुत सारे तिर्थ यात्रि दर्शन करने आते हैं.


4:- चक्कर बाग झु (zoo)

चक्कर बाग झु, junaghad zoo


      जुनागढ़ का चक्कर बाग झु गुजरात का ऐक मात्र पुराना चक्कर बाग झु हैं. यह चक्कर बाग झु का निर्माण जुनागढ़ के नवाब ने गिर के शेरों लूप्तप्राय होने से बचाने के लिए 1863 में करवाया था. यह चक्कर बाग में विभिन्न लुप्त प्राणी को रखा गया है. यहां पर शेरों के आलावा बाघ, तेंदुआ,भालु, गीदड़, जंगली गघे,साप, ओर चिड़िया भी देखने को मिलता है. चक्कर बाग झु में बड़ा मछली घर भी है.

      ऐशयन शेर मुख्य आकर्षण का केंद्र है. चक्कर बाग झु लगभग सभी तरह के जंगली जानवरों देखने को मिलते हैं. चक्कर बाग झु में प्रवासीयो के लिए भी अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं. सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक पुरा सप्ताह खुला रहता है. 3 से 12साल के बच्चों के लिए 10₹ रूपए ओर 12साल से ऊपर के आयु के लोगों के लिए 20₹ टिकट रखीं गई है. यहां पर हर साल बहुत सारे पर्यटक आते हैं.


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5:- अशोक के शिलालेख (आदेशपत्र) 


        

अशोक के शिलालेख


      मोर्य के सम्राट अशोक द्वारा अभिलेख प्राप्त हुए हैं. जिन्हें अशोक ने स्तंभों,चट्टानों और गुफाओं की दीवारों में अपने शासनकाल में खुदवाये थे. गिरनार जाने के रास्ते पर सम्राट अशोक द्वारा लगवाए गए चोदह शिलालेखों को देखा जा सकता है. इन शिलालेखो में राजकीय आदेश ओर नैतिक नियम लिखें हुए हैं. इन शिलालेखो को रुद्रदाम ने 150 ई. में तथा स्‍कंदगुप्‍त ने 450 ई. में ये अभिलेख खुदवाये थे.

      गिरनार जाने के रास्ते अशोक द्वारा लगाए गए शिलालेखो को देखा जा सकता है. इतिहास प्रेमे इन शिलालेखो को देखने यहां पर आते हैं.


6:- गिर वन्यजीव अभयारण्य - (Gir Wildlife Sanctuary)


गिर वन्यजीव अभयारण्य, Gir Wildlife Sanctuary


      गिर वन्यजीव अभयारण्य गुजरात के जुनागढ़, अमरेली, गिर ओर सोमनाथ जिल्ले के भाग में स्थित है. जो एशिया में सिंहो ऐक मात्र निवास स्थान से जाना जाता है. गिर वन्यजीव अभयारण्य 1424 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. 2014 में सिंहो की गिनती की गई थी तब सिंहो की संख्या 423 थी. यहां पर भारत के सबसे बड़े कद का हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, चिंकारा और बारहसिंगा भी देखा जा सकता है साथ ही यहां भालू और बड़ी पूंछ वाले लंगूर भी भारी मात्रा में पाए जाते है गिर भारत का एक अच्छा पक्षी अभयारण्य भी है. यहां फलगी वाला बाज, कठफोडवा, एरीओल, जंगली मैना और पैराडाइज फलाईकेचर भी देखा जा सकता है. साथ ही यह अधोलिया, वालडेरा, रतनघुना और पीपलिया आदि पक्षियों को भी देखने के लिए उपयुक्त स्थान है.

     यहां पर शेरों को देखने के लिए सफारी भी कर सकते हो. गिर वन्यजीव अभयारण्य पर्यटन के लिए भी विकसित किया गया है. हर साल यहां पर देश-विदेश से लाखों लोग गिर के शेरों को देखने आते हैं.


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7:- बौद्ध गुफा - (Buddhist Cave)

        
बौद्ध गुफा, Junagadh Buddhist Cave


      जुनागढ़ की बोद्व गुफाएं गुजरात के जुनागढ़ जिले पुरातत्व स्थल है. एन गुफाओं का निर्माण पहले, दुसरे, तीसरे ओर चोथे ईसा पूर्व हुआ था. एन गुफाओं ज़मीन के नीचे शिलाओं को काट कर बनाया गया है. इन कक्षो का निर्माण सम्राट अशोक के काल में हुआ था. इन कक्षो में बोद्व भिक्षु रहते थे. जुनागढ़ में खपरा कोडिया, बावा प्यारा, ऊपर कोट गुफाएं स्थित हैं.

     यह पुरातत्त्व जगह को देखने के लिए यहां पर देश-विदेश से बहुत सारे पर्यटक आते हैं. आप भी एक बार मुलाकात जरूर करें.


8:- जामा मस्जिद (ऊपर कोट)  


जामा मस्जिद जुनागढ़, jama masjid junaghad


    जामा मस्जिद ऊपर कोट किल्ले में स्थित है. राणकदेवी का महेल ही जामा मस्जिद है. मोहम्मद बेगडा ने जब जुनागढ़ को जीत लिया बाद में तीन मंजिला राणकदेवी का महेल तोड़ कर जामा मस्जिद का निर्माण किया गया. ईस मस्जिद का निर्माण 1470 ईस्वी में हुआ था. वहां सामने दो तोपे भी रखीं गई है. नीलम ओर माणिक जिसे तुर्की के राजा सुलेमान के आदेश पर पुर्तगालियों से लड़ने के लिए बनवाया गया था यह तोप मिस्र से दीव के रास्ते आई थी.


9:- जटा शंकर महादेव मंदिर ( jatashnkar Hill's)


         
जटा शंकर महादेव मंदिर, jatashnkar Hill's junaghad


     जटा शंकर महादेव का मंदिर गिरनार पर्वत में स्थित है. जटा शंकर महादेव इतिहास बहुत पुराना है. शिवलिंग पर गंगाजल का अभीषेक होता है. श्रावण मास में यहां भक्तों की भीड़ लगीं रहतीं हैं. जटा शंकर महादेव के रास्ते में पत्थर ओर जरने आते हैं. यहां पर आप फ़ोटोग्राफ़ी , हायकीग, टेकिंग कर सकते हैं. आप यहां पर परिवार के साथ जा सकते हैं.


10:-  दरबार हॉल संग्रहालय (Darbar Hall Museum)


       
दरबार हॉल संग्रहालय, Darbar Hall Museum junaghad


     दरबार हॉल संग्रहालय जनता चौक पर स्थित है. पहले दरबार होल नवाबों का दरबार (अदालत) था. दरबार होल की स्थापना 1966 में किया गया. दरबार हॉल संग्रहालय में लगभग 2900 कलाकृतियाँ- चित्र गैलरी, पालकी का कमरा, कपड़ा और पोशाक गैलरी, हथियार गैलरी प्रदर्शित करने वाली विभिन्न वस्तुएं हैं. संग्रहालय में  आपको रॉयल फर्नीचर, सिल्वर-प्लेटेड सिंहासन, चांदी की कुर्सी और रेशम कालीन है. संग्रहालय में विभिन्न प्रकार के ज़ुमर्स, मिरर, सिल्वर ऑब्जेक्ट्स, मिनिएचर पेंटिंग्स, फोटोग्राफ्स, आर्म्स, एल्बम, विशाल झूमर, शाही कवच,  और गोल्डन आभूषण भी  देखने को मिला गा.

     यह संग्रहालय नवाबों की जिवन शैली को दर्शाती है. दरबार हॉल संग्रहालय जुनागढ़ का मुख्य आकर्षण केंद्रों में से है. यहां पर नवाबों की जीवन शैली देखने के लिए बहुत सारे पर्यटक आते हैं.



• जुनागढ़ कैसे पहुंचें - How to reach junaghad




      :हवाई मार्ग से जुनागढ़ कैसे पहुंचें – How To Reach junaghad By Flight


हवाई मार्ग से जुनागढ़, junaghad By Flight

        हवाई मार्ग से जुनागढ़ जाने के लिए सबसे नजदीक हवाई अड्डा राजकोट में है जो 105 किलोमीटर दूर है. यह हवाई अड्डा मुंबई से जुड़ा हुआ है. राजकोट से आप बस या टैक्सी ले सकते हैं. जुनागढ़ का सड़क परिवहन के लिए बहुत अच्छी है इस लिए आप का सफर आरामदायक रहेगा.


        : ट्रेन से जुनागढ़ केसे पहुंचे - how to reach junaghad by train



junaghad by train

        जुनागढ़ ट्रेन राजकोट, मुम्बई, और अहमदाबाद से जुड़ा हुआ है. आप राजकोट से जुनागढ़ केसे ट्रेन कर सकते हो जो आपको जुनागढ़ पहुंचा देगा. और आप अहमदाबाद से भी ट्रेन के द्वारा जुनागढ़ जा सकते हैं. अहमदाबाद से लगभग 318 किलोमीटर होता है. जो आपको सुरेन्द्रनगर, राजकोट से जुनागढ़ पहुंचा देगा.


          : सड़क मार्ग से जुनागढ़ केसे पहुंचे- how to reach junaghad by road



सड़क मार्ग से जुनागढ़, junaghad by road

          गुजरात राज्य परिवहन निगम द्वारा विभिन्न शहरों से जुनागढ़ के लिए बसें चलती हैं. राजकोट, अहमदाबाद, से बसों से जुनागढ़ पहुंच सकते हो. खानगी बसे भी जुनागढ़ के लिए बहुत सारी हैं जेसे स्लिपर बस या टैक्सी ले सकते हैं.

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